कही इंसानो को खुश करने की बदहवासी मे : आज भी हम अपने उन कामो से जो यीशु मसीह मे नही होने चाहिए वो ही तो नही कर रहे :
आज भी परमेश्वर का बदन और लहू (प्रभु भोज) ग्रहण करने के बाद वो ही अन्य जाति के लोगो की तरह उनके रंग मे तो नही रंग रहे हम ?
पवित्र आत्मा को शोकित तो नही कर रहे
गैर मजहबी वाली सोच और जिंदगी तो नही जी रहे, मसीह मे होने के बाद भी?
रक्षा बंधन आया तो भाई नाराज ना हो जाये, चलो राखी बांध देते है
दशहरा आया चलो सारी दुनियां जा रही है, दोस्त यार, रिश्तेदार जा रहे है हम भी चल लेते है।
करवा चौथ आया सभी हाथो मे मेहँदी लगा रहे है, उस मे क्या हो गया, गुनाह थोडी है, हम भी लगा लेते है।
दिवाली आई तो सबको दिवाली मुबारक का मेसेज भेजकर ,नये कपड़ो से सज जाते है! दिये और मोम बत्ती जलाकर, पटाखे फोड़ कर, प्रसाद की मिठाई खा कर उन जैसे हो जाते हैं। तुम भी ठीक, हम भी ठीक।
अंजाम
हम भूल जाते है कि पवित्र आत्मा सब देख रहा है, वो हमारे रोज के कार्यो को लिख रहा है, उसी के मुताबिक हमारे मसीह मे सोने के बाद देखा जायेगा कि जीवन की पुस्तक मे हमारा नाम है कि नही ?
हम ऐसी सोच मे तो नही जी रहे कि
( एक दिन आयेगे, इकठ्ठा चर्च मे एक साथ अगले पिछले गुनाहो की माफी मांग लेगे)
प्रभु यीशु मसीह के बदन और लहू को फिर से इन सब बातों से गुजरने के बाद, पवित्र आत्मा को शोकित करने के बाद फिर से ग्रहण कर लेगे!
अगर ऐसी सोच के मसीह बनकर जी रहे है तो सब व्यर्थ है, कि रोज गुनाह करेगे! सुबह से शाम तक फिर माफी मांग लेगे!
ऐसे मसीहियो को यीशु मसीह लेने नही आ रहे!
परमेश्वर उन्हें जो पुरी इमानदारी से अपने इमान मे लोगो को खुश करने वाले नही कि, वो भाई, भाभी, दोस्त, रिश्तेदार नाराज ना हो जाए! परमेश्वर को तो बाद मे मना लेगे!
जो कलीसिया मे लौ लगाकर उपवास प्रार्थना के साथ, अपने दिन रात, परमेश्वर के आने की बाट जो रहे हैं ऐसे सच्चे आराधको को परमेश्वर देख रहे है!
उनकी नज़र सब पर है! इसलिए अब भी समय है! गुनाहो की माफी मांग कर, अंहकार और अविश्वासियों की संगति छोड़ कर दीनता से परमेश्वर के काम करे! जिन बातो से परमेश्वर ने निकाल लिया वो किसी भी कीमत पर अब ना करे।
क्योंकि प्रभु के आत्मा ने हमारा जीवन मोड़ दिया है, वो मौका दे दिया है कि हम परमेश्वर मे खुद को अब बचा ले! बचाव और चुनाव तो परमेश्वर ने कर लिया है, लेकिन ये भी याद रखना है कि, बुलाये हुये तो बहुत है लेकिन चुने हुये थोड़े है ।
चुने वो है जो परमेश्वर के चुनाव के बाद परमेश्वर की इच्छा को पूरा करते है! दुनिया के साथ भेड चाल नही चलते, परमेश्वर की चाल चलने वाले ही स्वर्ग जायेगे।
अपने को जांचे और अपने गुनाहो की माफी मांगे, परमेश्वर मेरा न्याय तेरे हाथ मे है, मै मनुष्यो को नही तेरे लिए ही जियू
आमीन्