1. स्वर्ग को किसने बनाया❓
🅰क्योंकि देश देश की सब देवता तो मूरतें ही है परन्तु यहोवा ही ने स्वर्ग को बनाया है.(भजन96:5)
2. किनकी बुद्धि को संसार के ईश्वर ने अंधी कर दी है❓और क्यों❓
🅰और उन अविश्वासियों के लिए जिन की बुद्धि इस संसार के ईश्वर ने अंधी कर दी है,ताकि मसीह जो परमेश्वर का प्रतिरूप है,उसके तेजोमय सुसमाचार का प्रकाश उन पर न चमके.(2कुरि4:4)
3. हमें किस प्रकार से पवित्र बनना है❓
🅰पर जैसा तुम्हारा बुलानेवाला(प्रभु यीशु) पवित्र है,वैसे ही तुम भी अपने सारे चाल-चलन में पवित्र बनो.(1पतरस1:15)
4. परमेश्वर को क्या भाता है❓
🅰यदि तुम अपराध करके घूँसे खाए और धीरज धरा तो इस में क्या बड़ाई की बात है ? पर यदि भला काम करके दु:ख उठाते हो और धीरज धरते हो तो यह परमेश्वर को भाता है. ( 1पतरस 2 : 20 )
5. दु:खी लोगों को क्या करना चाहिए❓
🅰यदि तुम में कोई दु:खी है तो वह प्रार्थना करें.(याकूब5:13)
6. बुद्धि की घटी वालों को क्या करना चाहिए❓
🅰यदि तुम में से किसी को बुद्धि की घटी हो तो परमेश्वर से माँगे,जो बिना उलाहना दिए सब को उदारता से देता है और उसको दी जाएगी.(याकूब 1:5)
7. परमेश्वर के स्वर्गदूतों के सामने किस विषय मे आनंद होता है❓
🅰एक मन फिरानेवाले पापी के विषय मे परमेश्वर के स्वर्गदूतों के सामने आनंद होता है. (लूका15:10)
8. जीवन की इच्छा रखनेवाले और अच्छे दिन देखने की चाहत रखनेवाले को क्या करना चाहिए❓
🅰जो कोई जीवन की इच्छा रखता है और अच्छे दिन देखना चाहता है. वह अपनी जीभ को बुराई से और अपने होठों को छल की बातें करने से रोके रहे.
वह बुराई का साथ छोड़े और भलाई ही करे.वह मेल मिलाप को ढूँढ़े और उसके यत्न मे रहे.(1पतरस 3:10-11)
9. आप सत्य कैसे जानेंगे❓
🅰यीशु ने कहा " यदि तुम मेरे वचन मे बने रहोगे,तो सचमुच मेरे चेले ठहरोगे.
तुम सत्य को जानोगे,और सत्य तुम्हे स्वतंत्र करेगा. (यूहन्ना 8:31-32)
10. कौन निर्धन हो जाता है❓और कौन अपमान पाता है❓और किसकी महिमा होती है❓
🅰जो शिक्छा को सुनी-अनसुनी करता वह निर्धन होता और अपमान पाता है परंतु जो डाँट को मानता उसकी महिमा होती है.(नीतिवचन 13:18)
🅰क्योंकि देश देश की सब देवता तो मूरतें ही है परन्तु यहोवा ही ने स्वर्ग को बनाया है.(भजन96:5)
2. किनकी बुद्धि को संसार के ईश्वर ने अंधी कर दी है❓और क्यों❓
🅰और उन अविश्वासियों के लिए जिन की बुद्धि इस संसार के ईश्वर ने अंधी कर दी है,ताकि मसीह जो परमेश्वर का प्रतिरूप है,उसके तेजोमय सुसमाचार का प्रकाश उन पर न चमके.(2कुरि4:4)
3. हमें किस प्रकार से पवित्र बनना है❓
🅰पर जैसा तुम्हारा बुलानेवाला(प्रभु यीशु) पवित्र है,वैसे ही तुम भी अपने सारे चाल-चलन में पवित्र बनो.(1पतरस1:15)
4. परमेश्वर को क्या भाता है❓
🅰यदि तुम अपराध करके घूँसे खाए और धीरज धरा तो इस में क्या बड़ाई की बात है ? पर यदि भला काम करके दु:ख उठाते हो और धीरज धरते हो तो यह परमेश्वर को भाता है. ( 1पतरस 2 : 20 )
5. दु:खी लोगों को क्या करना चाहिए❓
🅰यदि तुम में कोई दु:खी है तो वह प्रार्थना करें.(याकूब5:13)
6. बुद्धि की घटी वालों को क्या करना चाहिए❓
🅰यदि तुम में से किसी को बुद्धि की घटी हो तो परमेश्वर से माँगे,जो बिना उलाहना दिए सब को उदारता से देता है और उसको दी जाएगी.(याकूब 1:5)
7. परमेश्वर के स्वर्गदूतों के सामने किस विषय मे आनंद होता है❓
🅰एक मन फिरानेवाले पापी के विषय मे परमेश्वर के स्वर्गदूतों के सामने आनंद होता है. (लूका15:10)
8. जीवन की इच्छा रखनेवाले और अच्छे दिन देखने की चाहत रखनेवाले को क्या करना चाहिए❓
🅰जो कोई जीवन की इच्छा रखता है और अच्छे दिन देखना चाहता है. वह अपनी जीभ को बुराई से और अपने होठों को छल की बातें करने से रोके रहे.
वह बुराई का साथ छोड़े और भलाई ही करे.वह मेल मिलाप को ढूँढ़े और उसके यत्न मे रहे.(1पतरस 3:10-11)
9. आप सत्य कैसे जानेंगे❓
🅰यीशु ने कहा " यदि तुम मेरे वचन मे बने रहोगे,तो सचमुच मेरे चेले ठहरोगे.
तुम सत्य को जानोगे,और सत्य तुम्हे स्वतंत्र करेगा. (यूहन्ना 8:31-32)
10. कौन निर्धन हो जाता है❓और कौन अपमान पाता है❓और किसकी महिमा होती है❓
🅰जो शिक्छा को सुनी-अनसुनी करता वह निर्धन होता और अपमान पाता है परंतु जो डाँट को मानता उसकी महिमा होती है.(नीतिवचन 13:18)