“परमेश्वर कौन है? वह आपका प्रबन्ध करने वाला, आपको चंगा करने वाला, आपका बल, आपकी बुद्धि और आपकी शांति है। वही है जो अनुग्रह, माफी, दया का प्रबन्ध करता, एक छिपने का स्थान, और तुफान में एक शरणस्थान है। वह सब कुछ जो हमें करने की आवश्यकता वह करने के लिए दे ताकत देता है। कितना अद्भुत! क्यों कोई इस तरह के परमेश्वर के साथ एक संबंध को नहीं चाहेगा? हर बार जब आप पीड़ित होते तो कौन देखरेख ना किया जाना. . . तसल्ली पाना ना चाहेगा? वह हमारी आशा का परमेश्वर है-वह हमारा उद्धार है!”